‘राहुल द्रविड़ मेरा नेम, इंडिया को हराना मेरा गेम’, मुख्य कोच पर भड़के प्रशंसक

भारत और इंग्लैंड के खिलाफ बर्मिंघम के एजबेस्टन में खेले जा रहे पिछले साल के पांच मैचों की टेस्ट सीरीज का पुन: निर्धारित आखिरी मुकाबले में भारतीय टीम ने पहली पारी में 416 रन और दूसरी पारी में 245 रन बनाए हैं. इसके जवाब में इंग्लैंड की टीम ने पहली पारी में 284 रन और दूसरी पारी में 378 रन बनाकर इस मैच को काफी आसानी से 7 विकेट से जीत लिया है. इस जीत के साथ ही इंग्लैंड की टीम पांच मैचों की टेस्ट सीरीज को 2-2 की बराबरी पर खत्म करने में सफल रही है.

इस मैच में भारतीय टीम काफी रक्षात्मक खेल रही थी. जबकि दक्षिण अफ्रीका की टीम काफी आक्रामक खेल रहे थी. इस टेस्ट मैच में भारतीय टीम 3 दिनों तक काफी अच्छी स्थिति में थी. लेकिन आखिरी 2 दिनों में जॉनी बेयरस्टो और जो रूट की शानदार शतकीय पारी की बदौलत बराबरी पर खत्म किया है. भारतीय टीम के बुरी तरह से हारने के बाद प्रशंसक काफी गुस्से में आ गए हैं. इसी वजह से भारतीय टीम के मुख्य कोच राहुल द्रविड़ प्रशंसकों के निशाने पर आ गए हैं.

भारतीय प्रशंसकों का मानना है कि राहुल द्रविड़ की कोचिंग में भारतीय टीम की बुरी स्थिति हो गई है. राहुल द्रविड़ की कोचिंग में भारतीय टीम ने तो पहले दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सीरीज गंवाई और इसके बाद 3 दिनों तक भारतीय टीम आगे रहने के बाद अंतिम 2 दिनों में इंग्लैंड से आसानी से हार गया है. भारतीय टीम के मुख्य कोच का निर्णय भारतीय टीम के लिए नुकसानदेह साबित हो रहा है.

सोशल मीडिया पर प्रशंसकों ने राहुल द्रविड़ की कोचिंग की आलोचना करते हुए रवि शास्त्री को द्रविड़ से अच्छा कोच बताया है. एक यूजर ने सोशल मीडिया पर मजेदार मीम शेयर करते हुए लिखा है कि ‘राहुल द्रविड़ को अंडर-19 की कोचिंग करने भेजो’. वहीं एक अन्य यूजर ने भारत की हार के बाद राहुल द्रविड़ को ट्रोल करते हुए लिखा है कि ‘राहुल द्रविड़ मेरा नेम, इंडिया को हराना मेरा गेम’. सोशल मीडिया पर प्रशंसकों द्वारा इसी तरह के कई रिएक्शन देखने को मिल रहे हैं.

भारतीय टीम ने पहली पारी में 132 रनों की लीड देने के बाद दूसरी पारी में मात्र 245 रनों के स्कोर पर पूरी टीम ढेर हो गई. इसके बाद इंग्लिश टीम ने आखिरी 2 दिनों में 378 रन बनाकर इस मैच को आसानी से जीत लिया है . इस टेस्ट मैच को जीतकर भारतीय टीम को 2007 के बाद पहली बार इंग्लैंड की धरती पर सीरीज जीतने का सुनहरा मौका था. लेकिन भारतीय टीम का सपना चकनाचूर हो गया.